{Best] Love Shayari In Hindi 2021 : All Love Shayari in hindi

Best Love Shayari in Hindi and English Font: If you want to find the best love shayari and share it with your friends we will be providing the latest collection of Shayari for Love as the best love Shayari, Latest Love Shayari, i -Hindi Love Shayari, Two Line Love Shayari, Love Sms And Love Status. I hope you liked this Blog Hindi Love Shayari collection. Shayari is a form of Stave, which enables a person to express his deepest feelings from the heart in words. You will find the whole latest and updated collection of Best Love Shayari in Hindi. Also Check out our updates

Best Love Shayari 2021



सफर कट जाएंगे, बिछड़ के मर जाएंगे

तेरे बारे में लेकिन गजल कह जाएंगे


अंधेरी रात में तुम कभी ठोकर न खाओ

जहां पे तुम रहोगे, वहीं जल जाएंगे


न जुड़ पाया है हमसे ये टूटा आशियां भी

तेरे बिन ये हुनर हम कहां से पाएंगे


चले आए हैं लिखने इश्क की दास्तां हम

किताबों में ही हम-तुम संग रह जाएंगे




आपने अपना नामो-निशां छोड़ा होता

तो मेरे खत का लिफाफा नहीं कोरा होता

ये हकीकत है कि आप सा कोई ना मिला

आप मिलती तो मैं खुद से ना जुदा होता

मुझे पता है मेरे रूह में बस आप ही हैं

काश! आपके रूह में मेरा भी पता होता

बह रही है जमीं पे चांदनी की नदी

तैरते साये का कोई तो किनारा होता




गम से याराना नहीं, गम से आशनाई है

दर्द है सीने में और जिस्म में तन्हाई है

एक सुरीली सी हवा तेरे दर पे ले आई

क्या खबर थी कि ये हिज्र की शहनाई है

अब उदासी ही दिखेगी मेरे चेहरे में

अपनी ये तस्वीर मैंने तुमसे ही बनवाई है

आंख भर लेते हैं जब याद तेरी आती है

तेरे खातिर ही मैंने बांध ये खुलवाई है


Love Shayari, Teri Mohabbat Ke pass





चांद सी आंखों से गिरते हैं अश्क से तारे

है घनेरी जुल्फ तले नम रात के नजारे

दर्द आएगा दबे पांव सुबह की तरह

फिर तो सूरज में जलेंगे मेरे अरमां सारे

तुम्हें पाया तो नीरस हो गई ये दुनिया

और दुश्मन सी हो गई घर की दीवारें

तू न आई तो अधूरी है जिंदगी की गजल

जाने कब आएगी तू लेकर हुस्न की बहारें




आह और दर्द बस तेरा तलबगार हुआ

आंख पत्थर हुई, अश्क आबशार हुआ

अमावस में बस जुदाई के सितारे हैं

चांद के बिन फलक भी दागदार हुआ

मेरी पलकों का झपकना बड़ा मुश्किल है

ऐसा तबसे है जबसे तेरा दीदार हुआ

सो रहे हैं इन मकानों के बाशिन्दे सभी

मैं जगा रहके बस्ती का गुनहगार हुआ





दिल को ज़ुबान,


आँखों को सपने मिल गये ...


आशिकी में, ज़िंदगी को मैंने मिल गये





उन्हें लागता है के हमां आदत है मुस्कूरणे की,

वो बेवाफा ये भी ना जाणे ये अदा है गम चुपने की.




दूर हमसे जी पाओगे कैसे, 

हुमको भूल पाओगे कैसे, 

हम हे खुश्बू जो साँसों में उतार जाए, 

खुद अपनी सांसो को रोक पाओगे कैसे..




ना शहर देखो ना बियबाण देखो ...


खुदा का एकलौता नाम-ओ-निशान देखो ...


बस आँख उठाओ और रेहान देखो




तू काम करता गया,


मैं इश्क़ करता गया ...


तेरा नाम होता गया,


मैं बदनाम होता गया




वफा पे मिटने वालों का

मैने अंजाम जो देखा के

वफा ही छोड़ दी मैने







जो तार से निकली है, वो धुन सबने सुनी है ...


जो साँस पे गुज़री है,


वो किस दिल को पता...pass best love Shayari


मैं आया हूँ यहाँ पर तेरे लिए ...


और तू बनाई गयी है मेरे लिए




ज़िंदा है वो लोग जो मौत से टकराते है ...

 मुर्दून से बत्तर है वो लोग जो मौत से गबराते है




मोरनी बिना मोर किस काम का ...


यह सिंदूर है राम नाम का




ना जागते हुवे ख्वाब देखा करो,

ना चाहो उसे जिसे पा ना सको,

प्यार कहा किसिका पूरा होता है,

प्यार का पहला अक्षर अधूरा होता है…ह सिंदूर है राम नाम का




बचपन से आज तक इस शहर ने हर हक़ दिया ...


लेकिन देखो बात प्यार की


आई तो सौतेला कर दिया




कश्मीर ना कोई ले सकता है और कश्मीर ना कोई दे सकता है ...


कश्मीर में बस टीन दिन और दो रात का हनिमून पॅकेज हो सकता है



top love SHAYRI 2021




बुराई संग जो मेल रचाया ...


फिर कभी ना छूटते उसका साया




लोग रूप देखते है ,हम दिल देखते है ,

लोग सपने देखते है हम हक़ीकत देखते है,

लोग दुनिया मे दोस्त देखते है,

हम दोस्तो मे दुनिया देखते है.




करो कुछ ऐसा दोस्ती में

की ‘Thanks & Sorry’ words बे-ईमान लगे

निभाओ यारी ऐसे के ‘यार को छोड़ना मुश्किल’

और दुनिया छोड़ना आसान लगे…




इश्क़ और दोस्ती मेरी ज़िन्दगी के दो जहाँ है

इश्क़ मेरा रूह तो दोस्ती मेरा इमां है

इश्क़ पे कर दूँ फ़िदा अपनी ज़िन्दगी

मगर दोस्ती पे तो मेरा इश्क़ भी कुर्बान है




इश्क ओर दोस्ती मेरे दो जहान है,

इश्क मेरी रुह, तो दोस्ती मेरा ईमान है,

इश्क पर तो फिदा करदु अपनी पुरी जिंदगी,

पर दोस्ती पर, मेरा इश्क भी कुर्बान है




दिल मे एक शोर सा हो रहा है.

बिन आप के दिल बोर हो रहा है.


बहुत कम याद करते हो आप हमे.

कही ऐसा तो नही की…


ये दोस्ती का रिस्ता कंज़ोर हो रा है.




मौत एक सच्चाई है उसमे कोई ऐब नहीं

क्या लेके जाओगे यारों कफ़न में कोई जेब नहीं



आँखों से बरसात होती हैं

जब आपकी याद साथ होती है,

जब भी busy रहे मेरा cell

तो समझ लेना

आपकी होने वाली भाभी से मेरी बात होती हैं



घर से बाहर कोलेज जाने के लिए वो नकाब मे निकली….

सारी गली उनके पीछे निकली…


इनकार करते थे वो हमारी मोहबत से……….

और हमारी ही तसवीर उनकी किताब से निकली………



कोई खुशियों की चाह में रोया

कोई दुखों की पनाह में रोया..

अजीब सिलसिला हैं ये ज़िंदगी का..

कोई भरोसे के लिए रोया..

कोई भरोसा कर के रोया..



वक्त बदल जाता है जिंदगी के साथ

जिंदगी बदल जाती है वक्त के साथ


वक्त नहीं बदलता दोस्तों के साथ

बस दोस्त बदल जाते हैं वक्त के साथ





उस जैसा मोती पूरे समंद्र में नही है,

वो चीज़ माँग रहा हूँ जो मुक़्दर मे नही है,


किस्मत का लिखा तो मिल जाएगा मेरे ख़ुदा,

वो चीज़ अदा कर जो किस्मत में नही है…



गुलाम बनकर जिओगे तो.

कुत्ता समजकर लात मारेगी तुम्हे ये दुनिया


नवाब बनकर जिओगे तो,

सलाम ठोकेगी ये दुनिया….


“दम” कपड़ो में नहीं,

जिगर में रखो….



बात अगर कपड़ो में होती तो, सफ़ेद कफ़न में,

लिपटा हुआ मुर्दा भी “सुल्तान मिर्ज़ा” होता.



हर रिश्ते में विश्वास रहने दो;

जुबान पर हर वक़्त मिठास रहने दो;

यही तो अंदाज़ है जिंदगी जीने का;

न खुद रहो उदास, न दूसरों को रहने दो..!



इश्क़ और दोस्ती मेरी ज़िन्दगी के दो जहाँ है

इश्क़ मेरा रूह तो दोस्ती मेरा इमां है

इश्क़ पे कर दूँ फ़िदा अपनी ज़िन्दगी

मगर दोस्ती पे तो मेरा इश्क़ भी कुर्बान है



छू ले आसमान ज़मीन की तलाश ना कर,

जी ले ज़िंदगी खुशी की तलाश ना कर,

तकदीर बदल जाएगी खुद ही मेरे दोस्त,

मुस्कुराना सीख ले वजह की तलाश ना कर.



जादू है उसकी हर एक बात मे,

याद बहुत आती है दिन और रात मे,

कल जब देखा था मैने सपना रात मे,

तब भी उसका ही हाथ था मेरे हाथ मे…



जिस हॉस्पिटल के हम डॉक्टर हैं,

हमारी पत्नी वहा की नर्स हैं

क्या अजीब ज़ुल्म सहना पड़ता हैं

अपनी ही बीवी को सिस्टर कहना पड़ता हें



दिल मे एक शोर सा हो रहा है.

बिन आप के दिल बोर हो रहा है.


बहुत कम याद करते हो आप हमे.

कही ऐसा तो नही की…


ये दोस्ती का रिस्ता कंज़ोर हो रा है.



माना के किस्मत पे मेरा कोई ज़ोर नही….

पर ये सच ह के मोहब्बत मेरी कमज़ोर नही,


उस के दिल मे, उसकी यादो मे कोई और है लेकिन,

मेरी हर साँस में उसके सिवा कोई और नही..





है ये सफर लंबा ही सही , मिलते रहे हम , हमेशा ,ऐ बेहना…………..

तेरी भी दुआएं सफर में शामिल रहें, ऐ बेहना , ………….

होगयी बिदा तू ,ऐ बेहना , ……………

फिर भी हर सुख – दुःख में वो साथ रही ,ऐ बेहना , …………..

हर लम्हा। हर पल मिलती रहे खुशियाँ तुझे , ऐ बेहना , ………………

दुआएं मेरी भी ये ही रही तुझे , ऐ बेहना , …………….

है ये सफर लंबा ही सही , मिलते रहे हम , हमेशा ,ऐ बेहना………………

देता रहूँ तुझे हमेसा , जो तू चाहे ,ऐ बेहना , ………………..

बांधा है तूने हर दुआओं का बंधन इस राखी में , ऐ बेहना , ……………

अर्ज है इतनी सी उस खुदा से , ऐ बेहना………….

है ये सफर लंबा ही सही , मिलते रहे हम , हमेशा ,ऐ बेहना………….

रहूँ दूर तुझसे भले ही सही , असर है दुआओं में तेरी , ऐ बेहना……………

है ये सफर लंबा ही सही , मिलते रहे हम , हमेशा ,ऐ बेहना………………..



मोहब्बत का नतीजा,

दुनिया में हमने बुरा देखा,

जिन्हे दावा था वफ़ा का,

उन्हें भी हमने बेवफा देखा.



तुम आये तो लगा हर खुशी आ गई

यू लगा जैसे ज़िन्दगी आ गई

था जिस घड़ी का मुझे कब से इंतज़ार

अचानक वो मेरे करीब आ गई …………



शिव की ज्योति से प्रकाश बढ़ता है,

जो भी जाता है भोले के द्वार,

कुछ ना कुछ उससे ज़रूर मिलता है!




सारा जहाँ है जिसकी शरण मैं

नमन है उस शिव के चरण में

बने उस शिव के चरणो की धूल

आओ मिलकर चढ़ाये हम श्रद्धा के फूल



ज़िन्दगी हसीन है , ज़िन्दगी से प्यार करो …..

हो रात तो सुबह का इंतज़ार करो …..

वो पल भी आएगा, जिस पल का इंतज़ार हैं आपको….

बस रब पर भरोसा और वक़्त पे ऐतबार करो ….



फूल सबनम में डूब जाते है,

झख्म मरहम में डूब जाते है |

जब आते है खत तेरे, हम तेरे गम में डूब जाते है.|



मोहबत को जो निभाते हैं उनको मेरा सलाम है,

और जो बीच रास्ते में छोड़ जाते हैं उनको, हुमारा ये पेघाम हैं,

“वादा-ए-वफ़ा करो तो फिर खुद को फ़ना करो,

वरना खुदा के लिए किसी की ज़िंदगी ना तबाह करो”



छू ले आसमान ज़मीन की तलाश ना कर,

जी ले ज़िंदगी खुशी की तलाश ना कर,

तकदीर बदल जाएगी खुद ही मेरे दोस्त,

मुस्कुराना सीख ले वजह की तलाश ना कर



FAIL हुआ छात्र क्यों फेक दिया जाता हे |


पर FAIL हुआ उम्मीदवार मंत्री बन जाता हे

इसीलिए मेरा देश सालो से FAIL हो रहा हे





कली बेंच देगें चमन बेंच देगें,

धरा बेंच देगें गगन बेंच देगें,

कलम के पुजारी अगर सो गये तो…

ये धन के पुजारी वतन बेंच देगें।




पागल हे वो लोग जो अपने लवर को मिस किया करते हे

अरे!! मिस करना हे तो मच्छर को करो

जो अपनी जान पर खेल कर आप को किस किया करते हे|



अपनी तक़दीर में तो कुछ ऐसा ही सिलसिला लिखा है,

किसी ने वक़्त गुजारने के लिए अपना बनाया,

तो किसी ने अपना बना कर वक़्त गुज़ार लिया……..



वक्त नूर को बेनूर कर देता है,

छोटे से जख्म को नासूर कर देता है,

कौन चाहता है अपने से दूर होना,

लेकिन वक्त सबको मजबूर कर देता है !



अपनी तक़दीर में तो कुछ ऐसा ही सिलसिला लिखा है,

किसी ने वक़्त गुजारने के लिए अपना बनाया,

तो किसी ने अपना बना कर वक़्त गुज़ार लिया……..



कोन किसका रकीब (enemy) होता है,

कोन किसका हबीब (friend) होता है

बन जाते रिश्ते -नाते जहा

जिसका नसीब होता है|


“अचरा विकास चौधरी ”



छू ले आसमान ज़मीन की तलाश ना कर,

जी ले ज़िंदगी खुशी की तलाश ना कर,

तकदीर बदल जाएगी खुद ही मेरे दोस्त,

मुस्कुराना सीख ले वजह की तलाश ना कर.



वो रात दर्द और सितम की रात होगी,

जिस रात रुखसत उनकी बारात होगी,

उठ जाता हु मैं ये सोचकर नींद से अक्सर,

के एक गैर की बाहों में मेरी सारी कायनात होगी…..



तू चाँद मे सितारा होता

आसमान के एक आशियाना में

एक आशियाना हमारा होता

लोग तुम्हे दूर से देखते

नज़दीक से देखने का हक़ बस हमारा होता|



कोन जाने कब मौत का पैगाम आ जाए,

ज़िंदगी की आखरी शाम आ जाए,

हमे तो इंतजार है उस शाम का

जब हमारी ज़िंदगी किसी के काम आ जाए..





भगवान का दिया कभी अल्प नहीं होता,

जो टूट जाये वो संकल्प नहीं होता,

हार को जीत से दूर ही रखना,

क्योकि जीत का कोई विकल्प नहीं होता |…



अकाल मृत्यु वो मरे जो कार्य करे चांडाल का,

कल भी उसका क्या करे जो भक्त हो महाकाल का



दिल पे क्या गुज़री वो अनजान क्या जाने;

प्यार किसे कहते है वो नादान क्या जाने;

हवा के साथ उड़ गया घर इस परिंदे का;

कैसे बना था घोसला वो तूफान क्या जाने……………



मे तोड़ लेता अगर तू गुलाब होती

मे जवाब बनता अगर तू सबाल होती

सब जानते है मैं नशा नही करता,

मगर में भी पी लेता अगर तू शराब होती!………………



मंज़िलो से अपनी डर ना जाना,

रास्ते की परेशानियों से टूट ना जाना,


जब भी ज़रूरत हो ज़िंदगी मे किसी अपने की,

हम आपके अपने है ये भूल ना जाना.



ज़िंदगी में अगर तुम अकेले हो तो प्यार करना सिख़लो,

और प्यार कर लिया हैं तो इज़हार करने भी सिख़लो.

अगर इज़हार करना नही सीखा तो,

ज़िंदगी भर प्यार के यादों में रोना सिख़लो….



ना सोचा था जिनके लिए हम मर मिटे,

एक दिन वही हमसे दूर हो जाएँगे,

जीने की तमन्ना तो हम भी रखते थे,

अब तेरे बिना कैसे जी पाएगे…



कौन कहता है हम उसके बिना मर जायेंगे

हम तो दरिया है समंदर में उतर जायेंगे

वो तरस जायेंगे प्यार की एक बून्द के लिए

हम तो बादल है प्यार के…किसी और पर बरस जायेंगे|



मजनू को लैला का SMS नही आया..

मजनू ने 3 दिन से खाना नहीं खाया..

मजनू मरने वाला था लैला के प्यार में

और लैला बेती थी SMS FREE होने के इंतेज़ार में.



वफ़ा के शीश महल में सजा लिया मैनें ,

वो एक दिल जिसे पत्थर बना लिया मैनें,

ये सोच कर कि न हो ताक में ख़ुशी कोई ,

ग़मों कि ओट में ख़ुद को छुपा लिया मैनें,

कभी न ख़त्म किया मैं ने रोशनी का मुहाज़ ,

अगर चिराग़ बुझा, दिल जला लिया मैनें,

कमाल ये है कि जो दुश्मन पे चलाना था ,

वो तीर अपने कलेजे पे खा लिया मैनें |



टूटे हुए प्याले में जाम नहीं आता

इश्क़ में मरीज को आराम नहीं आता

ये बेवफा दिल तोड़ने से पहले ये सोच तो लिया होता

के टुटा हुआ दिल किसी के काम नहीं आता ……..



वो बेवफा हमारा इम्तेहा क्या लेगी…

मिलेगी नज़रो से नज़रे तो अपनी नज़रे ज़ुका लेगी…

उसे मेरी कबर पर दीया मत जलाने देना…

वो नादान है यारो… अपना हाथ जला लेगी.



मोहब्बत का नतीजा,

दुनिया में हमने बुरा देखा,

जिन्हे दावा था वफ़ा का,

उन्हें भी हमने बेवफा देखा.



फूल सबनम में डूब जाते है,

झख्म मरहम में डूब जाते है |

जब आते है खत तेरे, हम तेरे गम में डूब जाते है.|



मोहबत को जो निभाते हैं उनको मेरा सलाम है,

और जो बीच रास्ते में छोड़ जाते हैं उनको, हुमारा ये पेघाम हैं,

“वादा-ए-वफ़ा करो तो फिर खुद को फ़ना करो,

वरना खुदा के लिए किसी की ज़िंदगी ना तबाह करो”



वक्त नूर को बेनूर कर देता है,

छोटे से जख्म को नासूर कर देता है,

कौन चाहता है अपने से दूर होना,

लेकिन वक्त सबको मजबूर कर देता है !



जिंदगी हे सफर का सील सिला,

कोइ मिल गया कोइ बिछड़ गया,

जिन्हे माँगा था दिन रत दुआ ओमे,

वो बिना मांगे किसी और को मिल गया.



ना सोचा था जिनके लिए हम मर मिटे,

एक दिन वही हमसे दूर हो जाएँगे,

जीने की तमन्ना तो हम भी रखते थे,

अब तेरे बिना कैसे जी पाएगे…



आँखों मे आ जाते है आँसू,

फिर भी लबो पे हसी रखनी पड़ती है,

ये मोहब्बत भी क्या चीज़ है यारो,

जिस से करते है उसीसे छुपानी पड़ती है…





मे तोड़ लेता अगर तू गुलाब होती

मे जवाब बनता अगर तू सबाल होती

सब जानते है मैं नशा नही करता,

मगर में भी पी लेता अगर तू शराब होती!………………



रात गुमसूँ है मगर चेन खामोश नही,

कैसे कहदू आज फिर होश नही,


ऐसा डूबा तेरी आखो की गहराई मैं,

हाथ में जाम है मगर पीने का होश नही.



आप को इस दिल में उतार लेने को जी चाहता है,

खूबसूरत से फूलो में डूब जाने को जी चाहता है,

आपका साथ पाकर हम भूल गए सब मैखाने,

क्योकि उन मैखानो में भी आपका ही चेहरा नज़र आता है….



तेरा दिल उदास क्यों है?

तेरी आँखों में प्यास क्यों है?

जो छोड़ गया तुझे मझदार में ,

उससे मिलने की आस क्यों है ?

जो दे गया दर्द ज़िन्दगी भर का,

वही तेरे लिए ख़ास क्यों है ??



बैठे हैं दिल में ये अरमां जगाये,

के वो आज नजरों से अपनी पिलाये |

मजा तो तब ही पीने का यारो,

इधर हम पियें और नशा उनको आये ||



जाने कभी गुलाब लगती हे

जाने कभी शबाब लगती हे

तेरी आखें ही हमें बहारों का ख्बाब लगती हे

में पिए रहु या न पिए रहु,

लड़खड़ाकर ही चलता हु

क्योकि तेरी गली कि हवा ही मुझे शराब लगती हे



{हवा में सिक्का उछाला और बोला}


HEADS आया तो WHISKEY,

Tails आया तो VODKA,

जमीन पर खड़ा रहा तो RUM,

और

हवा में ही रहा तो माँ कि कसम

31st से दारु बंद!



पानी में विस्की मिलाओ तो नशा चड़ता है,

पानी में रम मिलाओ तो नशा चड़ता है,

पानी में ब्रेंड़ी मिलाओ तो नशा चड़ता है,

साला पानी में ही कुछ गड़बड़ है…



मे तोड़ लेता अगर तू गुलाब होती

मे जवाब बनता अगर तू सबाल होती

सब जानते है मैं नशा नही करता,

मगर में भी पी लेता अगर तू शराब होती!



लोगों ने कहा की मैं शराबी हूँ,

मैने कहा उन्हो ने आँखों से पिलाइ है.

लोगों ने कहा की मैं आशिक़ हूँ,

मैने कहा आशिक़ी उन्हो ने सिखाई है.

लोगों ने कहा राहुल तू शायर दीवाना है,

मैने कहा उनकी मोहब्बत रंग लाई है.





महफ़िल में इस कदर पीने का दौर था

हमको पिलाने के लिए सबका जोर था,

पी गए हम इतनी यारो के कहने पर,

न अपना गौर था न ज़माने का गौर था………



जाम पे जाम पीने से क्या फायदा दोस्तों

रात को पी हुयी शराब सुबह उतर जाएगी!

अरे पीना है तो दो बूंद बेवफा के पी के देख

सारी उमर नशे में गुज़र जाएगी!



देवदास की तरह जान मत दो यारो

प्यार को लात मारो

मेरी बात मानो

ना चंद्रमुखी ना पारो

रोज़ रात एक स्ट्रॉंग बियर मारो और

चैन से ज़िंदगी गुजारो…



हर रोज़ पीता हूँ तेरे छोड़ जाने के ग़म में,

वर्ना पीने का मुझे भी कोई शौंक नहीं,

बहुत याद आते है तेरे साथ बीताये हुये लम्हें,

वर्ना मर मर के जीने का मुझे भी कोई शौंक नहीं |



हम तो जी रहे थे उनका नाम लेकर,

वो गुज़रते थे हमारा सलाम लेकर,

कल वो कह गये भुला दो हुमको,

हमने पुछा कैसे!!!!

वो चले गये हाथो मे जाम देकर…



जाम पे जाम पीनेसे क्या फायदा,

शाम को पी सुबह उतर जाएगी,

अरे दो बूंद मेरे प्यार की पीले,

जिन्दगी सारी नशेमे गुज़र जाएगी….



शराब चीज़ ही ऐसी हाए ना छोडी जाए

ये मेरे यार के जैसी हाए ना छोडी जाए



तेरी आँखों से यून तो सागर भी पिए हैं मैने,

तुझे क्या खबर जुदाई के दिन कैसे जिए हैं मैने…



जो आसानी से मिले वो है गम,

जो मुश्किल से मिले वो है RUM,

जो किसी किसी से मिले वो है दम,

जो नसीब वालो को मिले वो है हम!!



रख ले 2-4 बोतल कफ़न में,

साथ बैठ कर पिया करेंगे,

जब माँगे गा हिसाब गुनाहों का,

एक पेग उससे भी दे दिया करेंगे..






नशा हम किया करते है इलज़ाम शराब को दिया करते है…


कसूर शराब का नहीं उनका है जिनका चहेरा हम जाम मै तलाश किया करते है…



Teri aankhon se aisi sharab pee maine,

Ke phir na kabhi hosh ka dawa kiya kabhi maine,

Wo aur honge jinhe maut aa gayi hogi,

Nigah-e-yaar se paayi hai zindagi maine. 



phir aansoo ke kuch fasane nikle,

maikhane se sharab ke paimane nikle,

jo dil ka haal hamara samajh na paaye,

kyu unko hum apne zakhm dikhane nikle. 



Har Baat Ka Jawab Nahi Hota,

Har Ishq Ka Naam Kharab Nahi Hota,

Yu To Jhum Lete Hai Nashe Mein Peene Wale,

Magar Har Nashe Ka Naam Sharab Nahi Hota.



Zindagi ke sawalo ka jawab dhundta hoon,

dard ko kam kar sake wo sharab dhundta hoon,

waqt ke haatho majboor ek shaks hoon main,

jo jeene ka de bahana wo kitaab dhundta hoon. 



Nasha Jaruri Hai Zindagi ke Liye,

Sirf Sharab Hi kaafi Nahi Hai Bekhudi Ke Liye,

Kisi Ki Mast Nigahon Me Doob Jao ek dafa,

Bada Haseen Samunder Hai Khudkhushi Ke Liye. 



Har Phool Gulab ka Nahi Hota,

Har Jaam Sharab ka Nahi Hota,

jara Sambhalkar Chalna Mere Dost,

Har Dost Meri Tarah Wafadar Nahi Hota. 




Koi peeta hai nasha chadhane ke liye,

Koi peeta hai gham bhulane ke liye,

Na jaane kyu duniya kehti hai sharab ko bura,

Sharabi to ise peeta hai bas gam bulane ke liye


Har Baat ka Koi Jawab Nahi Hota,

Har Ishq ka Naam Kharab Nahi Hota,

Yu to Jhoom Lete Hai Nashe mein Peene Wale,

Magar Har Nashe ka Naam Sharab Nahi Hota.



Pilana farz tha to kuch bhi pila diya hota,

Sharab kam thi to paani mila diya hota,

zuban pe sharm-o-haya ka pehra tha,

To muskura ke sar hi hila diya hota.




Ye shayari likhna unka kaam nahi,

Jinke dil aankhon mein basa karte hai,

Shayari toh wo mushroof saksh likhte hai,

Jo sharab se nahi, kalam se nasha karte hai.



Dil Bana To aap Deewane Bane,

Sharab Bani To Mekhane Bane,

Kuch To Baat Hai Aap Mein Bhi,

Yui To Nahi hum pagal Bane.



Zakham Has Kar Gulab Ho Jaate,

aur Fir Lajawab Ho Jaate,

Tera Daman Na Mil Saka mujhe,

Warna Mere Aansu kb ke Sharab Ho Jate.



Mausam bhi hai, umar bhi, shabab bhi hai,

Pehlo mein wo rashk-e-mahtaab bhi hai,

Duniya mein ab or chaiye kya mujh ko,

Saaqi bhi hai saaz bhi hai or sharab bhi hai.



Dil Pe Jab Se Sharab Ka Pehra Lag Gaya,

Gam Ka Andar Aane Ka Raasta Band Ho Gaya,

Zubaan Ne Jab Se Sharab Ko Chhu Liya,

Uska Naam Hamesha Ke Liye Bhool Gaya.



Nashe Mein Jeene Ka Maja Aata Hai,

Unki Aankho Se Peene Ka Maja Aata Hai,

Sharab Ki Bottle Ki Tarah Lagti Hai Wo,

Use Puri Pee Jaane Ko jee chahta Hai



Peene do sharab abhi to shaam baaki hai,

aye yaar tere naam ka bhi ek jaam baaki hai,

jaana aye ladkhadate hue maikhane se,

peene do abhi to kadmo mein jaan baaki hai.



Roshni karta hu andhera mitane ke liye,

Sharab pita hu main tujko bhulane ke liye,

Kyo na ban saki tum meri zindagi ki mehbooba,

Aaj bhi rota hu main gujre zamane ke liye



Log peete hai sharab mehkhane ja-ja kar,

jo do pal mein utar jayegi,

humne to pee hai apne mehboob ki aankho se,

jo umar bhar naa utar payegi.



Dil Pe Jab Se Sharab Ka Pehra Lag Gaya,

Gam Ka Andar Aane Ka Raasta Band Ho Gaya,

Zubaan Ne Jab Se Sharab Ko Choo Liya,

Uska Naam Hamesha Ke Liye Bhool Gaya





Apni hi garaj se jee rahe hai jo log,

apni hi kbaye see rahe hai jo log,

unko bhi hai kya sharab peene se gurej,

insaan ka khoon pee rahe hai jo log.



Har Baat ka Koi Jawab Nahi Hota,

Har Ishq ka Naam Kharab Nahi Hota,

Yooh to Jhoom Lete Hai Nashe mein Peene Waale,

Magar Har Nashe ka Naam Sharab Nahi Hota.



Mausum Bhi Hai Sharab Bhi Hai

Pehlu Mein Wo Ishq Mehtab Bhi Hai

Duniya Mein Ab Aur Chaiye Kya Mujhko,

Shaaki Bhi Hai Saj Bhi Hai Sharrab Bhi Hai



Amiri ke khwab Dekhne laga,

Angreji Sharab Chakhane laga,

Baap ne kabhi computer nahi dekha,

aur beta laptop rakhne laga.



Hamesha yaad aati hai unki,

Aur mood ho jata hai kharab,

Tab Hamesha lekar baithe hai hum,

ek hath me Kalam aur ek hath me sharab.



Pee Hai Sharab Har Gali Ki Dukan Se,

Dosti Si Ho Gayi Hai Sharab Ke Jaam Se,

Gujre Hai Hum Kuch Aise Mukam Se,

Ki Aankhen Bhar Aati Hai Mohabbat Ke Naam se



Aapke waste gunaah hi sahi,

Hum piye to sabab banti hai,

Bahot gamo ko sanjone ke baad,

Ek katra yaha sharab banti hai.



Yeh jawani gulaab ho jaaye,

Muyassar agar sharab ho jaaye,

Isi madhosh halat mein farishto,

Aao phir aaj ek-ek jam ho jaaye.



Yeh jawani gulaab ho jaaye,

Muyassar agar sharab ho jaaye,

Isi madhosh halat mein farishto,

Aao phir aaj ek-ek jam ho jaaye.



Hum laakh ache sahi par log kharab kehte Hai,

Bigda hua humko wo Nawab kehte Hai,

Hum to aise badnam ho gye Hai,

ki pani bhi piye to Log sharab kehte hai



एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ